परिपत्र

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    11 दिसंबर, 2019, नई दिल्ली
    डॉ. त्रिलोचन महापात्र, महानिदेशक (भा.कृ.अनु.प.) एवं सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) ने आज राष्ट्रीय कृषि विज्ञान केंद्र परिसर, नई दिल्ली में बिम्सटेक (बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग के लिए बंगाल की खाड़ी की पहल) देशों के लिए जलवायु स्मार्ट खेती प्रणाली पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। यह संगोष्ठी कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा 11 से 13 दिसंबर, 2019 तक आयोजित किया जा रहा है।

    डॉ. महापात्र ने अपने उद्घाटन भाषण में इस बात पर जोर दिया कि जलवायु परिवर्तन के बावजूद तकनीकी हस्तक्षेपों को अपनाकर किसानों की आय को प्रभावी ढंग से बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जलवायु अनुकूल कृषि के घटक के रूप में कृषि मशीनीकरण प्रौद्योगिकी को लागू करते समय छोटी जोत वाली खेती एक चुनौती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत उत्सर्जन को कम करने के लक्ष्यों को परिभाषित करने, प्रौद्योगिकियों को विकसित करने और जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है ताकि वे उन परिस्थितियों के अनुकूल हों जो तेजी से उभर रही हैं और उत्पादन प्रणालियों को चुनौती दे रही हैं। महानिदेशक ने कहा कि भारत बिम्सटेक देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
    श्री हान थीन क्याव, निदेशक, बिम्सटेक सचिवालय, म्यांमार ने किसानों से आग्रह किया कि वे दुनिया में बदलते जलवायु परिदृश्य के अनुसार खेती और कृषि में आधुनिक प्रौद्योगिकियों को अपनाएँ। इससे फसलों और खाद्य उत्पादों की पोषण गुणवत्ता को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
    श्री वीरेंदर पॉल, संयुक्त सचिव, बिम्सटेक, सार्क और नालंदा, विदेश मंत्रालय, भारत सरकार ने त्वरित क्षेत्रीय संपर्क और व्यापार को बिम्सटेक देशों की सफलता के लिए महत्वपूर्ण कुंजी के तौर पर माना। श्री पॉल ने कृषि को किसी देश के आर्थिक विकास के लिए सबसे महत्त्वपूर्ण कारकों में से एक माना।
    श्री सुशील कुमार, अतिरिक्त सचिव (कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग) एवं सचिव (भा.कृ.अनु.प.) के साथ इस दौरान भाकृअनुप और डेयर के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
    डॉ. ए. अरुणाचलम, अतिरिक्त महानिदेशक, (अंतरराष्ट्रीय संबंध), भाकृअनुप ने इससे पहले अपने स्वागत संबोधन में संगोष्ठी के मुख्य उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।

    इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में सभी सात बिम्सटेक देशों - भूटान, बांग्लादेश, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड – सहित बिम्सटेक सचिवालय के प्रतिभागी भाग ले रहे हैं।
    बिम्सटेक देशों के लिए ‘जलवायु स्मार्ट खेती प्रणाली पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी’ का आयोजन भारत सरकार की पहल के रूप में किया गया है, जैसा कि 30-31 अगस्त, 2019 को काठमांडू में आयोजित चौथे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत के माननीय प्रधान मंत्री ने घोषणा की थी।
    अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य उद्देश्य पारिस्थितिक दृष्टिकोणों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के साथ अधिक उत्पादकता और लचीलापन के लिए उष्णकटिबंधीय छोटे धारक कृषि प्रणालियों में सुधार को सक्षम करने हेतु अनुभव साझाकरण को बढ़ावा देना है।
    (स्त्रोत: भाकृअनुप-कृषि ज्ञान प्रबंधन निदेशालय, नई दिल्ली)